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Sunday, November 15, 2015

ढेरो पादो मत!फिजां बजरंगी!पादेकै इजाजत नइखै! जीभ संभालके रहियो और तनिको डरियो कि जीभ की भी सुपारी चालू आहे।शांतता।सहिष्णुता चालू आहे! सारा खेल सहिष्णुता की बिगाड़ दिहिस जो ससुरे,हम सोचे रहे।त एफडीआई बाबा ई वखत अंकारा इसंतांबुल मा ना जानै का का गुल खिलावैके चाहि।पण हियां तो सफेद लालो गुलाब सभै लहुलुहान। लिखना विखना बंद करै तो खाल बच जाई का? https://youtu.be/NbUVTHAib3M Study of 73 ethno-linguistic groups establishes that ancient India was one in which all people intermingled freely! India is inflicted with Mandal Kamandal Civil war just because of an artificial system Manusmriti imposed upon generations of people that encouraged inequality and supressed them for 2,000 years. पलाश विश्वास


ढेरो पादो मत!फिजां बजरंगी!पादेकै इजाजत नइखै!



जीभ संभालके रहियो और तनिको डरियो कि जीभ की भी सुपारी चालू आहे।शांतता।सहिष्णुता चालू आहे!


सारा खेल सहिष्णुता की बिगाड़ दिहिस जो ससुरे,हम सोचे रहे।त एफडीआई बाबा ई वखत अंकारा इसंतांबुल मा ना जानै का का गुल खिलावैके चाहि।पण हियां तो सफेद लालो गुलाब सभै लहुलुहान।


लिखना विखना बंद करै तो खाल बच जाई का?


https://youtu.be/NbUVTHAib3M


Study of 73 ethno-linguistic groups establishes that ancient India was one in which all people intermingled freely!

India is inflicted with Mandal Kamandal Civil war just because of an artificial system Manusmriti imposed upon generations of people that encouraged inequality and supressed them for 2,000 years.

पलाश विश्वास

खबर अभी वायरल हुआ नहीं है कि जीभ संभालके रहियो और तनिको डरियो कि जीभ की भी सुपारी चालू आहे।शांतता।सहिष्णुता चालू आहे!भइये,हमारी जुबान तो बेलगाम ठैरा,सविता बाबू 33 साल से लगाम लेकर पीछे पीछे दौड़ रही हैं।


परवचन मा आवाज तनिको तेज हो जाई तो खटाक से दरवाजे से मुंडी घुसेड़के गोला दागे रहिस आहिस्ते आहिस्ते।अब न परवचन परतिबंधित हो जाई।घरे मा सेंसर हो जाने का अबहुं बड़का खतरा।डीलीट डीएक्टिवेट तो करै रहे।


विज्ञापन ससुरे इसीलिए लगाने से परहेज करते हैं कि ससुरा लगाम लगायेके,हिजाब से चेहरा ढांपने के या जाब लगाइके चलने फिरने की आदत नहीं।


थोड़ा कबीर दास बन जाने का भी शौक चर्राता है कभी कभार और भरे बाजार विशुध देसी भाखा में हमारी जुबान लहलहाती है।लचकै भी आउर बहकै भी।शुध हो कि अशुध दूसरों की बोली में भी बोलने चालने की आदत खराब है।भाषा दंगाइयों से अब तक बचे हुए थे।


हम तो निशचिंतो हो गये ठैरे कि खास लंदन में,हमारे मालिकान के खास अंदर महल में नेपालियों की आर्थिक नाकेबंदी के विरोध,सिखों के उचाले मारते रिसते जख्म और गुजरात नरसंहार के बाबत कैपियत तलब और कमसकम दो सौ लेखक के आयं बायं बकते रहने,विपक्ष के सांसदों की ओर से मानवाधिकार वगैरह सवाल खड़े होने के बावजूद एको दुई नाहीं,नौ नौ बिलियन डालर पौंड का मानून तमिलनाडु के बेमौसम मानसून को हराय दिहिस।


मौनी बिररिंची बाबा के बोल फूटेला।य खोसला का घोसला भी न दीखे हो कि एक्टर डाइरेक्टर के फ्रेम से बाहर निकलरके राजपथ पर महिला का चीरहरण कर दे और डिरेक्टर बाबू मोशाय पहिले से एवार्डो लौटायके देशदोरहियों की पांत मा शामिल हुई गयो।


बजरंगी हनुमान ससुरा भगवान भी होवे हो,फिल्म बजरंगी भाईजान ने हिंदुस्तान पाकिस्तान एको कर दिहिस के पाकिस्तानी भी बोले जय शश्री राम।


त हनुमान जी कै उछलोकूद,मंकी बात पर न जइयो जैसे नदी नारे न जइयो,ससुरी या जहरीली विषकनिया या फेर बिकी गयो।


हनुमान जी बिकायो नइखे।भगवान अलगे ठैरे तो उनर करतब मजेदार खूबै भावेला हमका,ताली हमउ पीटत रहे।


बसशेश्वर बाबा के लिंगायत आंदोलन का जलवा मार टीपू मार है तो जाहिरेे कि बसशे्वर बाबा भी अवतर हुई गयो जइसन हरिचांद ठाकुर मैछिल बामहण बाड़न।


उ त अंबेडकर बाबासाहेब भी हिंदुत्व को मजबूत करै रहै और इसी खातिर सारे के सारे दलित रामो हनुमान भयो।बाबासाहेब का इसमारक का भी उदघाटन हुई गयो।


कुल शिकायत यहींच कि असल अनुयायी या फेर असल मसीहा को न्यौता भेजा के नको नको।नको।


फिन कैमरन भइया के साथ शाकाहारी छत्तीस व्यंजन और 10 डाउनिंग पर बावलोके अननंतर महारानी कै पैलेस मा भी जलवा बहार रही।विनिवेश एफडीआई से लेकर आतंकवाद के किलाफों जुध का शुध हिंदुत्व वसंत बहार हो गयो।


सो बिरंची बाबा,अबहुं तुर्की मा जलवा बिखेरे रहिस तो हनुमान जी को भी जी मिचलावै कि तनिको उछल कूद आउर मंकी सनकी बाते हुआ चाहे जइसन हमउ हउ चाहे।


त लंदन मा टाइटैनिक बाबा दाग दिहिस गौतम बुध आउर गान्ही बाबा के बोल पंचशील वगैरह वगैरह कि असहिष्णुता हुई तो बरदशत नाहीं।हमउ निशचिंतो  हो गये ठैरे।अब ई का?


मोदी को तालिबानी कहने वाले ब्रिटिश लेखक की जीभ काटने वाले को 21 लाख का इनाम देगा उग्र कट्टरपंथी हिंदू क्रांति दल!

सुबो सुबो फेसबुक वालवा पर अपने बनारसी उज्ज्वल बाबा टांक दियो कि शर अनीश कपूर की जीभ की सुपारी 21 लाख की हो गयो रे।सवेरे सवेरे परवचन दागके थको गयो हो।


अंग्रेजीमा जो पाद दिहिसत पादे दिहिस के 73 लिंगो एथनिक ग्रुपवा के जिनेटिक डीएनए सर्वे से प्रूव हुई गयो की बुद्धमय भारत के अवसान से पहिले उ जो नोबेलिया कवि ह,जेकर राष्ट्रद्रोही भगवा तमगा खातिर मन हमार उचाट रहे के उ कवि भी अछूतो रहे।


जात से तड़ीपार पिराली बामहण।इस पर तुर्रा ई कि पिता देवेनदर नाथ ठाकुर बरहममो रहे जो म्लेच्छ बाड़न।


तनिको शरत बाबू के नावेल जो चाहे सो उठाय लेव,देखो गौर से कोनो बरहममो बामण ना बाड़न।कहत रहे भगवा बिरादरी कि राष्ट्रगान उनर,जनगणमन जार्ज पंचम की तारीफ ह।


त उनर भारत तीर्थ का रिसाइटो बांग्ला आउर अंग्रेजी मा,पेरिस से ठेठ फ्रेंच अपडेट आुर एको दुई नइखे ,पेरिसमा खेत रहे सत्तर सत्तर अमेरिकी नागरिकों के ग्रीकङादसा अननंतर ओबामा भाया की सिंहगर्जना भी दाग दियो।


महापंडित राहुल सांकृत्यायन के मध्य एशिया की बारतीयजड़ों को भी खंगाल लियो।


अब ई रपच भगवा बिरगेड रचि राखा कोई पुराण स्मृति वगैरह नइखै ।शोध ह शुध।अमेरिका से हावार्ड यूनिवर्सिटी के अलावा मलिकुलर बायोलाजी के सैंपल सर्वे का रिजल्ट रहे।


इलेक्शन रिजल्ट नइखे।


हमउ फेर मा के डीएनए सचमुचो एकच रहे।

मनुस्मृति से पहिले बुद्धमय भारत तलक के लड़ भिड़कर सारी नस्लों का विलय भारत तीरथ हुई रहे।सो भारत तीर्थ दागे रहिस।


फिर हम सोचे रहे,बेकारो हनुमानजी कै उछलकूद शेयरबाजारी मुक्तबाजारी की हम आलोतना करै रहै।


फिन सोचे रहै कि तनिको भारतवासी एइसन किरपा हमउ पर कर दिहिस के हमउ परधानमंत्री उंत्री बन जाई तो झोला टांगे हुलस हुलस कर गिरदा दगाड़ गाड़ गधेर नदी नाला झील घाटी शिखरों शिखर जो उछले रहे आउर बापकी विरासत ढोये कहीं भी कबहुं जायेके रहै लेकिन सरहद बाप की तरह बिन वीसा बिन पासपोर्ट लांघेके करेजा नइखे, त जइसन ई विदेशोविदेश राजकाज दागे ह,उसी तर्ज पर हमका परधानमंत्री बना दिहिस तो देस परजटन छोड़ हमउ एनआररआई हो जाई!


देश को एनआरआई परधानमंत्री मिलेला!


बाकीर सगरे हिंदुस्तानमा रामराज ह!


लंदन मा झूठ के बोले सकै!


फिन पेरिस में जो मुंबई ब्लास्ट हुई रहे तो फिन तेल जुध की तैयारी बा, त मौनीबाबा बिरंची बाबा कनफर्म कर दिहिस के इंडिया अमेरिकवा के जुध मा पार्टनर ह।


नौ बिलियन हियां लंदन से फटाक मिलेला त वाशिंगटन से डालरोडालर फलकतोड़ मिसाइल बरखा या के परमाणु धमाका हिंदुत्व के दुशमन जहां के खिलाफो।फिन वही हिंदुत्व तालिबान।


हम मानेके चलेला कि बड़ सहिष्णुता भयो रामराज मा।

हमउ मनेके चलेला कि साहित्यकार ससुरे ,फिल्मकार सगरे,वामपंथी इतिहासकार सारे,उलटखोपड़ी वैज्ञानिक आउर हियांतक के सरहद के लड़ाके पूर्व सैनिक सारे के सारे राजनीति पादै रहिस आउर असल देशभक्त तो उ ह जो देस देश घूमिकै घुमाइकै देश बेचे रहिस त तालियां ही तालियां!


असहिष्णुता हमारे धर्म और परंपरा के खिलाफ बा।बाबासाहेब हिंदुत्व मजबूत करै रहिस तो वसशेश्वर बाबा से लेइके हमार तमामो पुरखे हिंदुत्व के सिपाहसालर हुए रहे।


गउतम बुद्ध भी विष्मु अवतार बाड़न।


आउर गान्ही बाबा तो मरे वखत भी हे राम कहे हो।


खाली मुली परम देशभक्त गोडसे बाबा बदनाम हुई रहे।उकरमंदिर बी बनावेक चाहि सहिष्णुता की इस कयामती फिजां मा।


अब हामरी तो सिट्टी पिट्टी गुमा गइल सोचे रहे लेखन वेखन बंद करैके चाहै के जान बची तो लाखों पावै आउर बजरंगी हुयो तो छप्परफाड़ दिवाली बिलेटेड।


चुप्पी साधे लिन्हें कि इतिहास बनेके बनावेक के मउका बड़जोर ह।अपढ़ सगरे मंतरी सांसद विधायक परधान या पतिपरधान बनेके मजा खूब लूटेला।


डालरो बहार।पौंडो बहार।येनो तेनो बहार।

रुबल के भाव नइखे।


एफडीआई बाबा की जै।

बजरंगवली की जै।बिररिंची बाबा,टाइटेनिक बाबा की जै।


सारा खेल सहिष्णुता की बिगाड़ दिहिस जो ससुरे,हम सोचे रहे।त एफडीआई बाबा ई वखत अंकारा इसंतांबुल मा ना जानै का का गुल खिलावैके चाहि।पण हियां तो सफेद लालो गुलाब सभै लहुलुहान।


लिखना विखना बंद करै तो खाल बच जाई का?


हरिद्वारेस खबर ह।राष्ट्रीय हिंदू क्रांति दल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तालिबानी एवं भगवान विष्णु के बारे में अपमानित शब्दों में लेख लिखने वाले भारतीय मूल एवं ब्रिटिश लेखक अनीश कपूर की जीभ काटकर लाने वाले को 21 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा की है।शनिवार को हरिद्वार स्थित प्रेसक्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय हिंदू क्रांति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि यह देश की सवा अरब आबादी का अपमान है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में एकजुट होने की अपील की।संजीव चौधरी ने कहा कि लेखक अनीश कपूर ने देश की छवि, आस्था और प्रधानमंत्री का अपमान किया है। ऐसी बयानबाजी पर रोक लगानी चाहिए।कहा जब से प्रधानमंत्री ने कुर्सी संभाली है तभी से राष्ट्र विरोधी ताकतें देश में अंदर और बाहर विश्वमंच पर देश की छवि खराब करने की कोशिश कर रही हैं। मौके पर अनिल चौहान, आशु, रवि, अवतार, पवन कुमार, तेजप्रकाश शाहू आदि मौजूद रहे।


भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद के पूर्व अध्यक्ष रवींद्र जुगरान ने मुख्य सचिव की पुनर्नियुक्ति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा है।पत्र में जुगरान ने कहा है कि मुख्य सचिव राकेश शर्मा की पुनर्नियुक्ति कर राज्य सरकार ने संवैधानिक संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के अन्य योग्य ईमानदार अफसर अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं।इससे भविष्य में राज्य में गलत परंपरा बन जाएगी। जुगरान ने प्रधानमंत्री से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए समाधान का अनुरोध किया है।


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